संदेश

कल फिर गुजरा था उस गली से

काश तू ऐसी होती

हवा का झोंका है ये ज़िन्दगी

क्या होता कहीं तू यूँ ही रूठ जाती

सुना है कल याद किया था किसी ने मुझे

लगता है यूं ही कुछ खोया सा है

तू अच्छी है सच्ची है लेकिन बोलती बहोत है